UIDAI ने 28 जनवरी 2026 को नया आधार ऐप लॉन्च किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। यह ऐप पुराने mAadhaar ऐप की जगह लेता है और इसे पूरी तरह नए सिरे से बनाया गया है। लॉन्च के तीन महीने के अंदर इस ऐप के 2.1 करोड़ से ज़्यादा डाउनलोड हो चुके हैं, जो दिखाता है कि लोगों ने इसे तेज़ी से अपनाया है। ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
ऐप की मुख्य सुविधाएं
इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब आपको कई आधार से जुड़े काम के लिए आधार सेवा केंद्र जाने की ज़रूरत नहीं है। पहली बार ऐप सेटअप करते समय फेस ऑथेंटिकेशन से पहचान की पुष्टि होती है, जिससे कोई दूसरा व्यक्ति आपके आधार का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता।
ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा दी गई है — अब घर बैठे आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल सकते हैं। इसके लिए नए नंबर पर OTP आएगा और फेस वेरिफिकेशन करना होगा। इसी तरह एड्रेस अपडेट भी ऐप से किया जा सकता है — वैलिड एड्रेस प्रूफ अपलोड करके या परिवार के किसी सदस्य के आधार के ज़रिए।
एक डिवाइस पर 5 आधार प्रोफाइल तक मैनेज किए जा सकते हैं। इसका मतलब पूरे परिवार — पति, पत्नी, बच्चे, माता-पिता — सबका आधार एक ही फोन से संभाला जा सकता है। UIDAI ने इसे “One Family – One App” का नाम दिया है।
प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स
इस ऐप का सबसे खास फीचर है Selective Credential Sharing। इसका मतलब यह है कि जब कोई संस्था आपकी पहचान वेरिफाई करती है, तो आप सिर्फ वही जानकारी शेयर कर सकते हैं जो ज़रूरी है — जैसे सिर्फ नाम और फोटो, या सिर्फ उम्र। पूरा आधार नंबर या एड्रेस शेयर करने की ज़रूरत नहीं। यह Digital Personal Data Protection (DPDP) Act के अनुरूप है।
बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक की सुविधा भी दी गई है। अगर आपको लगता है कि आपके फिंगरप्रिंट या आइरिस डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है, तो एक क्लिक में बायोमेट्रिक्स लॉक कर सकते हैं। इससे कोई भी आपके बायोमेट्रिक्स से ऑथेंटिकेशन नहीं कर पाएगा। जब ज़रूरत हो, उसी ऐप से अनलॉक कर सकते हैं।
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री का फीचर आपको बताता है कि आपके आधार का कब, कहां और किसने वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया। इससे अगर कोई अनधिकृत इस्तेमाल हुआ हो तो तुरंत पता चल जाएगा।
अगर फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो ऐप से आधार अकाउंट अपने-आप लॉगआउट हो जाता है, जिससे डेटा सुरक्षित रहता है।
रोज़मर्रा में कहां काम आएगा?
यह ऐप सिर्फ अपडेट के लिए नहीं है, बल्कि रोज़मर्रा के कई कामों में उपयोगी है। होटल चेक-इन के समय QR कोड स्कैन से ऑफलाइन पहचान वेरिफाई हो सकती है — फोटोकॉपी देने की ज़रूरत नहीं। हॉस्पिटल में विज़िटर वेरिफिकेशन, इवेंट एंट्री और सिनेमा हॉल में उम्र वेरिफिकेशन (age gating) के लिए भी ऐप काम करता है। गिग वर्कर्स (डिलीवरी बॉय, ड्राइवर आदि) की पहचान वेरिफाई करने के लिए भी इसका इस्तेमाल हो सकता है। ऐप में QR-based contact card का भी फीचर है — फिजिकल विज़िटिंग कार्ड की जगह QR कोड से कॉन्टैक्ट डिटेल्स शेयर कर सकते हैं।
ऐप कैसे डाउनलोड और सेटअप करें?
Google Play Store या Apple App Store पर जाएं और “Aadhaar” सर्च करें। डेवलपर का नाम UIDAI होना चाहिए — कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड न करें। ऐप इंस्टॉल करने के बाद अपना आधार नंबर डालें, रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP वेरिफाई करें और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। सेटअप पूरा होने के बाद आपका डिजिटल आधार ऐप में दिखने लगेगा।
ध्यान रखें कि बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आइरिस) के लिए अभी भी आधार सेवा केंद्र जाना ज़रूरी है — यह ऐप से नहीं हो सकता। लेकिन बाकी ज़्यादातर काम अब घर बैठे इस ऐप से हो सकते हैं।