प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए सरकार वित्तीय सहायता देती है। मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख तक की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजी जाती है। यह राशि 3 से 4 किस्तों में मिलती है और हर किस्त के लिए मकान निर्माण की प्रगति की जियो-टैगिंग फोटो और ग्राम सभा द्वारा सत्यापन ज़रूरी होता है।
2026 में भी नई लाभार्थी सूची अपडेट की जा रही है और लाखों नए परिवारों के नाम जोड़े गए हैं। अगर आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है तो सबसे पहले अपना नाम लाभार्थी सूची में चेक करें।
लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें (तरीका 1: रजिस्ट्रेशन नंबर से)
अगर आपके पास PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर है तो यह सबसे आसान तरीका है।
- आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाएं
- मेनू बार में “Stakeholders” पर क्लिक करें
- ड्रॉपडाउन में “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और Submit पर क्लिक करें
- आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसमें मंजूरी की स्थिति, किस्तों का विवरण और मकान निर्माण की प्रगति शामिल होगी
नाम से लिस्ट कैसे देखें (तरीका 2: बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के)
अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो भी आप गांव की पूरी सूची देख सकते हैं।
- pmayg.nic.in पर जाएं
- मेनू में “Awaassoft” पर क्लिक करें, फिर “Report” चुनें
- रिपोर्ट पेज पर “H. Social Audit Reports” सेक्शन में “Beneficiary details for verification” पर क्लिक करें
- MIS Report पेज खुलेगा, यहां अपना राज्य, जिला, तहसील, गांव चुनें
- वर्ष में “2026-2027” और Scheme Name में “Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin” सेलेक्ट करें
- कैप्चा कोड भरकर Submit पर क्लिक करें
- आपके गांव के सभी PMAY-G लाभार्थियों की सूची दिखाई देगी, जिसे PDF या Excel में डाउनलोड भी कर सकते हैं
किस्त की स्थिति कैसे चेक करें
किस्तों का स्टेटस देखने के लिए pmayg.nic.in पर जाएं। होमपेज पर सर्च बार में “Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin” सर्च करें। कुछ विकल्प दिखेंगे, उनमें से “Installment Details” चुनें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और Search पर क्लिक करें। कितनी किस्तें मिल चुकी हैं, कितनी बाकी हैं और कब मिली, सब कुछ यहां दिख जाएगा।
योजना के लिए कौन पात्र है
आवेदक के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। परिवार BPL (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में होना चाहिए। SECC (Socio Economic and Caste Census) सर्वे डेटा के आधार पर लाभार्थियों का चयन होता है। SC/ST, अल्पसंख्यक, विकलांग व्यक्ति और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। मकान महिला के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर बनता है।
अगर नाम नहीं है तो क्या करें
अगर सूची में नाम नहीं दिख रहा तो Awaas+ सर्वे में अपना स्टेटस चेक करें। कभी-कभी नया सर्वे भी खुलता है, जिसमें दोबारा आवेदन किया जा सकता है। अपने ब्लॉक ऑफिस या ग्राम प्रधान से संपर्क करें। PMAY हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 या 1800-11-3377 (टोल फ्री) पर भी कॉल कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि इस योजना में किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे देने की ज़रूरत नहीं है। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। सभी अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर भरोसा करें।