Atal Pension Yojana 2026: ₹210 प्रति माह जमा करें, 60 साल बाद पाएं ₹5,000 मासिक पेंशन

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों लोगों के पास रिटायरमेंट के बाद पेंशन की कोई सुविधा नहीं होती। दिहाड़ी मज़दूर, रेहड़ी-पटरी वाले, ऑटो-रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, छोटे दुकानदार जैसे लोग ज़िंदगीभर मेहनत करते हैं लेकिन बुढ़ापे में आय का कोई ज़रिया नहीं रहता। इसी समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार ने 2015 में अटल पेंशन योजना (APY) शुरू की थी।

जनवरी 2026 में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जो मौजूदा और नए दोनों सदस्यों के लिए राहत की बात है।

योजना कैसे काम करती है

APY में 18 से 40 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक शामिल हो सकता है। आपको 60 साल की उम्र तक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। 60 साल पूरे होने पर आपको ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है, जो जीवनभर मिलती रहती है। पेंशन कितनी मिलेगी, यह इस पर निर्भर करता है कि आपने कौन सा प्लान चुना है और किस उम्र में जुड़े हैं।

सदस्य की मृत्यु के बाद उतनी ही पेंशन पति/पत्नी को मिलती रहती है। दोनों की मृत्यु के बाद नॉमिनी को जमा की गई पूरी राशि (कॉर्पस) वापस कर दी जाती है।

कितना जमा करना होगा (₹5,000 मासिक पेंशन के लिए)

जितनी कम उम्र में जुड़ेंगे, उतना कम मासिक योगदान देना होगा। ₹5,000 मासिक पेंशन के लिए उम्र के अनुसार मासिक योगदान इस प्रकार है:

  • 18 साल: ₹210 प्रति माह
  • 20 साल: ₹248 प्रति माह
  • 25 साल: ₹376 प्रति माह
  • 30 साल: ₹577 प्रति माह
  • 35 साल: ₹902 प्रति माह
  • 40 साल: ₹1,318 प्रति माह

मतलब अगर कोई 18 साल की उम्र में जुड़ता है तो सिर्फ ₹210 महीना देकर 60 साल बाद ₹5,000 मासिक पेंशन पा सकता है। वहीं 40 साल की उम्र में जुड़ने पर ₹1,318 प्रति माह देना होगा। दोनों की मृत्यु के बाद नॉमिनी को ₹8.5 लाख का कॉर्पस मिलेगा।

अगर कम पेंशन चाहिए तो और भी कम योगदान से शुरुआत हो सकती है। ₹1,000 मासिक पेंशन के लिए 18 साल की उम्र में सिर्फ ₹42 प्रति माह जमा करना होता है।

पात्रता

भारतीय नागरिक होना ज़रूरी है। उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। बैंक या पोस्ट ऑफिस में बचत खाता होना चाहिए। आधार और मोबाइल नंबर खाते से लिंक होना ज़रूरी है। अक्टूबर 2022 के बाद से इनकम टैक्स पेयर इस योजना में शामिल नहीं हो सकते। अगर कोई टैक्सपेयर होते हुए भी जुड़ जाता है और बाद में पता चलता है, तो खाता बंद कर दिया जाएगा और सिर्फ जमा राशि वापस मिलेगी।

खाता कैसे खोलें

APY खाता तीन तरीकों से खोला जा सकता है।

पहला तरीका है बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर। अपने नज़दीकी बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस में जाएं जहां आपका बचत खाता है। APY आवेदन फॉर्म भरें, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दें, पेंशन राशि चुनें (₹1,000 से ₹5,000), नॉमिनी की जानकारी दें और ऑटो-डेबिट की सहमति दें।

दूसरा तरीका है नेट बैंकिंग से। अपने बैंक की नेट बैंकिंग में लॉगिन करें, APY सेक्शन खोजें, बेसिक डिटेल्स और नॉमिनी जानकारी भरें, ऑटो-डेबिट सेट करें और फॉर्म सबमिट करें।

तीसरा तरीका है eNPS पोर्टल से। enps.nsdl.com पर जाएं, “Atal Pension Yojana” चुनें, आधार OTP या ऑफलाइन KYC से वेरिफिकेशन करें, पेंशन राशि और योगदान की फ्रीक्वेंसी चुनें और सबमिट करें।

कुछ ज़रूरी बातें

योगदान मासिक, तिमाही या छमाही किया जा सकता है, लेकिन सबसे आम और आसान तरीका मासिक ऑटो-डेबिट है। अगर किसी महीने खाते में पैसे नहीं होते और ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है तो ₹1 से ₹10 तक पेनल्टी लगती है। 6 महीने तक भुगतान न करने पर खाता फ्रीज़, 12 महीने पर डीएक्टिवेट और 24 महीने पर बंद हो जाता है। 60 साल से पहले निकासी की अनुमति नहीं है, सिवाय गंभीर बीमारी या मृत्यु की स्थिति में। साल में एक बार पेंशन स्लैब बदलने (अपग्रेड या डाउनग्रेड) का विकल्प भी मिलता है। APY में निवेश पर Section 80CCD(1) के तहत ₹1.5 लाख तक और Section 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 तक की टैक्स छूट मिलती है।

अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और रिटायरमेंट के बाद की चिंता है, तो APY एक सुरक्षित और सरकार द्वारा गारंटीड विकल्प है। जितनी जल्दी जुड़ेंगे, उतना कम भुगतान करना होगा और उतना ज़्यादा फायदा मिलेगा।

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